ब्रेकिंग
मुख्य सचिव ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा हवलदार भोजराम साहू को शौर्य चक्र, राष्ट्रपति भवन में 8 जून को होगा सम्मान; वीरता पर देश को गर्व वाहन विक्रय के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पद्मनाभपुर पुलिस की कार्रवाई दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 लाख की हेरोइन के साथ महिला गिरफ्तार, नशा तस्करी पर कसा शिकंजा महापौर ने ली विकास कार्यों की समीक्षा, जल संरक्षण व अधोसंरचना से जुड़े अहम निर्णय शराब के लिए पैसे मांगकर कार सवार का रास्ता रोका, गाली-गलौज करने वाले 4 आरोपियों पर मामला दर्ज रसोई गैस पर बढ़ा बोझ: LPG सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी, उपभोक्ता परेशान दुर्ग में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 15 जुआरी गिरफ्तार; ₹4.34 लाख की संपत्ति जब्त रायपुर में विकास भी, विरोध भी: मिनी बस सेवा शुरू, कांग्रेस करेगी प्रदर्शन
देश

शरद पवार के संन्यास के संकेत से महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज

मुंबई| राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने हाल ही में राजनीति से संन्यास लेने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वह अब कोई भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं और युवाओं को राजनीति में आगे आने का मौका देना चाहते हैं। पवार के इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मच गई है।

पवार ने बारामती दौरे के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक 14 बार चुनाव लड़ा है और अब उन्हें लगता है कि उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह अब राज्यसभा सदस्य के रूप में सेवाएं दे रहे हैं और उनके पास अभी डेढ़ साल का समय बाकी है। इसके बाद वे सोचेंगे कि क्या उन्हें फिर से राज्यसभा जाना चाहिए या नहीं।

पवार ने कहा कि उन्हें लगता है कि अब युवाओं को राजनीति में आगे आने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा लोगों के लिए काम किया है और अब वे चाहते हैं कि युवा पीढ़ी भी देश के लिए कुछ करे।

शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने पहले भी पवार के रिटायरमेंट पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि पवार को अब राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। पवार के इस ताजा बयान ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।

शरद पवार के संभावित संन्यास से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है। पवार एनसीपी के सबसे बड़े नेता हैं और उनके जाने से पार्टी में नेतृत्व संकट पैदा हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button